बलिया(बेरूआरबारी): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ वरुण ज्ञानेश्वर का अस्पताल पर तैनात कर्मचारीयों के साथ-साथ स्थानीय
बलिया(बेरूआरबारी): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ वरुण ज्ञानेश्वर का अस्पताल पर तैनात कर्मचारीयों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी विवाद के मामले लंबे समय से चर्चा में थे।स्थानिया लोगों का आरोप था की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने कार्यकाल में एक दिन भी किसी मरीज का इलाज नहीं किए हैं इनके कार्यकाल में प्रसुताओं से अवैध धन उगाही,आशा बहुओं से अवैध धन उगाही के ममले बार-बार उठते रहे हैं।पिछले दिनों क्षेत्र के विभिन्न संगठनों द्वारा डॉक्टर के खिलाफ आंदोलन भी हुआ था जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया द्वारा डॉक्टर का तबादला कर दिया गया था।लेकिन माननीय उच्च न्यायालय में गलत तथ्यों के आधार पर अपना तबादला डॉक्टर वरुण ज्ञानेश्वर द्वारा रुकवा लिया गया था।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी और ब्लॉक के विभिन्न गांव में तैनात (सी एच ओ) महिला कर्मचारियों का उत्पीड़न इन दोनों विभिन्न न्यूज़ चैनलों एवं सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित था।कई महिला कर्मचारियों द्वारा जिला अधिकारी सहित अन्य उच्च अधिकारियों को डॉक्टर द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत भी की गई थी।डॉक्टर के तानाशाही रवैया और कर्मचारियों का उत्पीड़न के मामले को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह के हस्तक्षेप करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आज 28 तारीख को डॉ वरुण ज्ञानेश्वर की जगह डॉ दिनेश सिंह को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बेरूआरबारी के पद पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया द्वारा नियुक्त किया गया है।
इंसेक्ट
डॉ वरुण ज्ञानेश्वर का विवादों से गहरा नाता रहा है डॉक्टर जहां-जहां कार्यरत रहे वहां विवादों में रहे बेरूआरबारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से पूर्व उक्त डाक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजूरी पर तैनात थे वहां भी कर्मचारियों से विवाद हुआ था।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी पर भी अपनी सेवा के दौरान स्थानीय लोगों एवं कर्मचारियों के साथ विवाद में रहे।
बलिया से कैलाशपति सिंह की रिपोर्ट।
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