नरकटियागंज में अंडा व्यवसायी की हत्या, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
गोलीबारी कांड का एसपी ने लिया जायजा, परिजनों से की पूछताछ
नरकटियागंज नगर क्षेत्र के नंदपुर रेलवे ढाला के समीप शनिवार को हुए गोलीबारी कांड को पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी ने सबसे पहले नरकटियागंज थाना परिसर पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की। इसके बाद वे मृतक के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से विस्तार से बातचीत कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। तत्पश्चात एसपी सीधे घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि मृतक विजय कुमार साह को बेहद करीब से माथे पर गोली मारी गई है। घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम अपने साथ ले गई है। उन्होंने बताया कि मृतक विजय कुमार पर इससे पूर्व भी चाकू से जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें इलाज के बाद उसकी जान बच गई थी। उस मामले में तीन आरोपियों—अलीमाम, मो. ताहिर और अबुलैस—को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि चौथा आरोपी सज्जाद अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।
एसपी ने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष द्वारा उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं, जिसकी शिकायत थाने में भी की गई थी। पुलिस अब इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अनुसंधानक या थानाध्यक्ष की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मृतक विजय कुमार साह, नरकटियागंज नगर के वार्ड संख्या सात का निवासी था और वह अंडा व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। मृतक की पत्नी माया देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधी आए दिन उनके पति को धमकी देते थे। इसकी सूचना कई बार पुलिस को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की इसी लापरवाही का नतीजा है कि अपराधियों ने उनके पति की गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने नरकटियागंज-पोखरिया सड़क को जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और सड़क जाम हटाया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।
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